2018-10-15T06:36:11
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नवरात्र के छठे दिन कात्यायनी देवी की पूरे श्रद्धा भाव से पूजा की जाती है. कात्यायनी देवी दुर्गा जी का छठा अवतार हैं. शास्त्रों के अनुसार देवी ने कात्यायन ऋषि के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया, इस कारण इनका नाम कात्यायनी पड़ गया. एक और कथा के अनुसार कात्यायिनी की उत्पत्ति राक्षस महिषासुर का वध करने के लिए हुई. क्योंकि इस राक्षस के पास ब्रह्मा जी से वरदान था कि इसे स्त्री के अलावा कोई और नहीं मार सकता. दिव्य रुपा कात्यायनी देवी का शरीर सोने के समान चमकीला है. चार भुजा धारी मां कात्यायनी सिंह पर सवार हैं. अपने एक हाथ में तलवार और दूसरे में अपना प्रिय पुष्प कमल लिए हुए हैं. अन्य दो हाथ वरमुद्रा और अभयमुद्रा में हैं. इनका वाहन सिंह हैं. होटल हेरिटेज की तरफ से सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाये, पालड़ी - अहमदाबाद में रुकने के लिए एकमात्र खूबसूरत होटल, साफ सुथरे कमरे, व खान पान के लिए होटल हेरिटेज बहुत विख्यात है। फ़ोन करे : 08088794590

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